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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच नई कूटनीतिक हलचल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने हालात को और दिलचस्प बना दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए सख्त अल्टीमेटम के बावजूद संकेत मिल रहे हैं कि यदि किसी समझौते की संभावना बनती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल सकता है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आई है, जिसने संकेत दिया कि अंतिम निर्णय पूरी तरह राष्ट्रपति पर निर्भर करेगा।

अल्टीमेटम और बढ़ती समय सीमा

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को 7 अप्रैल की रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का समय दिया है। इस समयसीमा के भीतर समझौता नहीं होने की स्थिति में गंभीर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान ने समझौता नहीं किया, तो उसके बुनियादी ढांचे जैसे पुल और बिजली संयंत्र नष्ट कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को “पाषाण युग” में पहुंचा सकता है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस समय को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने पहले समय बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया। हालांकि अब यह समय समाप्त होने की कगार पर है और अमेरिका की नजरें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

संभावित समझौते के संकेत

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यदि राष्ट्रपति को यह महसूस होता है कि समझौता होने की संभावना है, तो वे सैन्य कार्रवाई को रोक सकते हैं। हालांकि एक अन्य रक्षा अधिकारी ने इस संभावना पर संदेह जताया है और कहा है कि इस बार समयसीमा बढ़ने की उम्मीद कम है।

यह स्थिति दर्शाती है कि अमेरिका की रणनीति में सख्ती के साथ-साथ कूटनीतिक लचीलापन भी मौजूद है। अंतिम क्षणों में किसी समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा रहा है।

ट्रंप का दावा और रणनीतिक बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जब यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, तब ईरान कहीं अधिक मजबूत स्थिति में था। उनके अनुसार, अब अमेरिका ने ईरान की शक्ति को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था और पिछले कई राष्ट्रपतियों को इस दिशा में काम करना चाहिए था।

ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि यह स्थिति उनके लिए आसान नहीं है, लेकिन वे इसे आवश्यक मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की कार्रवाई करना पसंद नहीं करते, लेकिन परिस्थितियां उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर रही हैं।