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पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, ममता बनर्जी का अमित शाह पर पलटवार— कहा, सबका हिसाब लिया जाएगा

 

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी तीखा पलटवार करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रानीगंज में आयोजित एक जनसभा के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र और भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए उन्हें दोषी ठहराना गलत है।

अधिकार छीने जाने का आरोप और प्रशासन पर सवाल

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके प्रशासनिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह ऐसे लोगों को भेजा गया है, जो भाजपा से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासनिक नियंत्रण ही उनके हाथ में नहीं है, तो किसी भी घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों का स्थानांतरण सुनियोजित तरीके से किया गया है, ताकि राज्य में अस्थिरता पैदा की जा सके।

मुर्शिदाबाद हिंसा और रघुनाथगंज घटनाओं पर प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा और रघुनाथगंज की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के पीछे साजिश है। उन्होंने दावा किया कि रघुनाथगंज में जानबूझकर दंगे भड़काए गए और वहां दुकानों में तोड़फोड़ की गई।

ममता बनर्जी ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह लोगों के घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने सवाल किया कि “आपको किसने यह अधिकार दिया कि आप लोगों के घर तोड़ें और दंगे फैलाएं?” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इन सभी घटनाओं का हिसाब लिया जाएगा।

धार्मिक सौहार्द और एकता पर जोर

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की पहचान उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में निहित है।

उन्होंने बताया कि उनके समर्थक और राज्य के लोग सभी प्रमुख त्योहार—राम नवमी, दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ, क्रिसमस और ईद—को मिलजुलकर मनाते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म का असली अर्थ लोगों को जोड़ना है, न कि बांटना।

उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के बीच सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा कि बंगाल की संस्कृति हमेशा से समावेशी रही है।

सांस्कृतिक विरासत का हवाला और भाजपा पर हमला

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य की मिट्टी में महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर की शांति और विचारधारा बसती है, वहीं काजी नजरुल इस्लाम जैसे महान कवि की विरासत भी यहां की पहचान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सांप्रदायिकता फैलाकर इस विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को इतिहास और संस्कृति को समझने की सलाह दी।

भाजपा पर मर्यादा लांघने का आरोप

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राजनीति में मर्यादाओं को पार कर रही है। उन्होंने “लक्ष्मण रेखा” का उदाहरण देते हुए कहा कि एक सीमा होती है, जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा लगातार उस सीमा को लांघ रही है।

ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी टकराहट

पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। एक ओर जहां अमित शाह राज्य में बदलाव की बात कर रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी अपने नेतृत्व और नीतियों का बचाव करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगा रही हैं।