नेपाल में ‘बालेन युग’ की शुरुआत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई, बोले—साथ मिलकर बढ़ाएंगे रिश्ते
नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। लंबे समय से पारंपरिक राजनीतिक चेहरों के बीच चल रही सत्ता की राजनीति के बीच अब एक युवा और अलग सोच वाले नेता बालेंद्र शाह ने देश की कमान संभाल ली है। उनका प्रधानमंत्री बनना केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि जनता की नई उम्मीदों और बदलाव की चाह का प्रतीक माना जा रहा है।
युवा नेतृत्व के रूप में उभरे बालेंद्र शाह
बालेंद्र शाह का उदय नेपाल की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2022 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में की थी, जब वे काठमांडू के मेयर चुने गए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पारदर्शिता, साफ छवि और विकासपरक कार्यशैली के जरिए जनता का भरोसा जीता।
इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में कदम रखा और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ जुड़कर अपनी पहचान और मजबूत की। हालिया चुनाव में उन्होंने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराकर राजनीतिक इतिहास रच दिया।
राष्ट्रपति ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत बालेंद्र शाह को देश का 47वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया। काठमांडू में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, पूर्व प्रधानमंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया, जहां शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ।
भारत की ओर से गर्मजोशी भरी प्रतिक्रिया
नेपाल में इस बड़े राजनीतिक बदलाव पर भारत की प्रतिक्रिया भी बेहद महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और उनके नेतृत्व पर नेपाल की जनता द्वारा जताए गए विश्वास की सराहना की।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक रूप से गहरे और मजबूत हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बालेंद्र शाह के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्षेत्रीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि दोनों देश आने वाले समय में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। उनका यह बयान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग, विकास और स्थिरता के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में नए नेतृत्व के साथ इन संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नेपाल में बढ़ी नई उम्मीदें
बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद नेपाल में एक नई उम्मीद का माहौल देखने को मिल रहा है। जनता को विश्वास है कि वे पारंपरिक राजनीति से हटकर काम करेंगे और देश के विकास को प्राथमिकता देंगे।
उनकी साफ छवि और काम करने के अलग तरीके ने युवाओं और आम नागरिकों के बीच एक नई ऊर्जा पैदा की है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वे अपने वादों को किस तरह धरातल पर उतारते हैं और नेपाल को नई दिशा देने में कितने सफल होते हैं।