ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी के संकेत: मोजतबा खामेनेई वार्ता को तैयार, समझौते की उम्मीद बढ़ी
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है, जिसने युद्ध खत्म होने की उम्मीदों को बल दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत और संभावित समझौते के लिए सहमति जता दी है। यह जानकारी अल अरेबिया ने इजराइली मीडिया के हवाले से दी है। यदि यह खबर सही साबित होती है, तो ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव में जल्द ही कमी आ सकती है।
युद्ध के बीच कूटनीतिक हलचल
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल ही में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है और आगे भी यह वार्ता जारी रहेगी। ट्रंप के अनुसार, मौजूदा स्थिति को देखते हुए जल्द ही किसी समझौते की संभावना बन सकती है।
हालांकि पहले उन्होंने बातचीत के लिए ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ का नाम लिया था, लेकिन अब सामने आ रही रिपोर्ट्स में मोजतबा खामेनेई के शामिल होने की बात कही जा रही है, जो इस प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बना देता है।
अमेरिकी प्रतिनिधियों की भूमिका
ट्रंप ने यह भी बताया कि इस बातचीत में उनके दूत स्टीव विटकॉफ और करीबी सलाहकार जेयर्ड कुशनर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका सीधे तौर पर ईरान के एक प्रभावशाली नेता से संवाद कर रहा है। ट्रंप का दावा है कि यह बातचीत लंबे समय से चल रही थी, लेकिन अब यह निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि इन दावों के विपरीत फार्स न्यूज एजेंसी ने इन खबरों को खारिज कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की सीधी या परोक्ष बातचीत नहीं हो रही है। ईरान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभी तक किसी औपचारिक वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बावजूद, ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह जरूर स्वीकार किया है कि अमेरिका की ओर से एक 15 सूत्रीय प्रस्ताव उन्हें मध्यस्थ के जरिए प्राप्त हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक गतिविधियां जरूर चल रही हैं।
पांच दिन में समझौते की संभावना
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान को पांच दिन का समय दिया है, जिसके भीतर कोई बड़ा समझौता हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान के ऊर्जा ढांचे और पावर प्लांट्स पर हमले को टाल दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला किया गया, तो वह अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाएगा। इससे पहले अमेरिका ने ईरान को चेताया था कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो उसके ऊर्जा ढांचे पर कार्रवाई की जाएगी।
वैश्विक असर और मौजूदा स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस मार्ग में बाधा आने से वैश्विक बाजारों पर गंभीर असर पड़ा है।
28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में अब तक 2000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे में यदि वार्ता सफल होती है, तो यह न केवल क्षेत्रीय शांति बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।