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कमर्शियल एलपीजी पर सरकार का बड़ा फैसला, राज्यों के लिए 50 प्रतिशत कोटा लागू

 

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण देश में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में बड़ी वृद्धि करने का फैसला किया है। अब 23 मार्च 2026 से कमर्शियल एलपीजी का कोटा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस फैसले से देशभर में ईंधन की कमी से जूझ रहे व्यापारिक और सेवा क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को मिलेगा सहारा

कमर्शियल एलपीजी की बढ़ी हुई आपूर्ति का सबसे बड़ा लाभ होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा उद्योग को मिलने वाला है। पिछले कुछ समय से गैस की कमी के कारण इन व्यवसायों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर रसोई संचालन प्रभावित हो रहा था, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ा। अब अतिरिक्त कोटे के जरिए इन क्षेत्रों को नियमित और पर्याप्त गैस उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उनकी कार्यप्रणाली फिर से सुचारु हो पाएगी।

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलेगी सप्लाई

सरकार ने इस अतिरिक्त एलपीजी को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, औद्योगिक कैंटीन, सरकारी सब्सिडी वाले कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, डेयरी यूनिट्स और सामुदायिक रसोई शामिल हैं। इसके अलावा स्कूलों और अस्पतालों को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि वहां आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें। कुल कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा इन ही क्षेत्रों को आवंटित किया जाएगा।

प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगी राहत

सरकार के इस फैसले से प्रवासी मजदूरों को भी सीधा लाभ मिलेगा। उनके लिए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे आसानी से खाना बना सकेंगे। यह कदम खास तौर पर उन मजदूरों के लिए मददगार साबित होगा, जो अस्थायी रूप से शहरों में रहकर काम करते हैं और बड़े सिलेंडर का उपयोग नहीं कर पाते।

पीएनजी कनेक्शन की नई शर्त लागू

कमर्शियल एलपीजी के बढ़े हुए कोटे का लाभ लेने के लिए सरकार ने एक नई शर्त भी लागू की है। जिन उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त आवंटन चाहिए, उन्हें पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही भारत पेट्रोलियम के 'भारतगैस' एलपीजी के लिए पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

सरकार का यह निर्णय केवल एलपीजी की कमी को दूर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले अधिक पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पीएनजी से जोड़ने की शर्त लागू कर सरकार दीर्घकालिक ऊर्जा समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा नया संबल 

 कमर्शियल एलपीजी के कोटे में बढ़ोतरी से व्यापारिक गतिविधियों को नया संबल मिलेगा। इससे न केवल होटल और खाद्य उद्योग को राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह फैसला वर्तमान परिस्थितियों में एक संतुलित और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, जो तत्काल राहत देने के साथ-साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को भी ध्यान में रखता है।